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क़ुरआन और निकाह

निकाह पर क़ुरआन की आयतें

जीवनसाथी, मोहब्बत और रहमत, महर और घरेलू ज़िंदगी पर आयतें, अरबी में तर्जुमे के साथ। परिवार अक्सर इन्हें निकाह में पढ़ते हैं या कार्ड पर छपवाते हैं।

अल्लाह की निशानी के रूप में निकाह

सूरह अर-रूम 30:21

وَمِنْ آيَاتِهِ أَنْ خَلَقَ لَكُمْ مِنْ أَنْفُسِكُمْ أَزْوَاجًا لِتَسْكُنُوا إِلَيْهَا وَجَعَلَ بَيْنَكُمْ مَوَدَّةً وَرَحْمَةً ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ

और उसकी निशानियों में से यह है कि उसने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से जोड़े पैदा किए, ताकि तुम उनके पास सुकून पाओ, और उसने तुम्हारे बीच मोहब्बत और रहमत रख दी। बेशक इसमें सोचने वालों के लिए निशानियाँ हैं।

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एक ही जान से पैदाइश

सूरह अन-निसा 4:1 · आयत का हिस्सा

يَا أَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمُ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ وَخَلَقَ مِنْهَا زَوْجَهَا وَبَثَّ مِنْهُمَا رِجَالًا كَثِيرًا وَنِسَاءً

ऐ लोगो! अपने रब से डरो जिसने तुम्हें एक जान से पैदा किया, और उसी से उसका जोड़ा बनाया, और उन दोनों से बहुत से मर्द और औरतें फैला दिए।

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ऐसा जीवनसाथी जिसके पास सुकून मिले

सूरह अल-आराफ़ 7:189 · आयत का हिस्सा

هُوَ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ وَجَعَلَ مِنْهَا زَوْجَهَا لِيَسْكُنَ إِلَيْهَا

वही है जिसने तुम्हें एक जान से पैदा किया और उसी से उसका जोड़ा बनाया, ताकि वह उसके पास सुकून पाए।

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जीवनसाथी, औलाद और रोज़ी

सूरह अन-नहल 16:72 · आयत का हिस्सा

وَاللَّهُ جَعَلَ لَكُمْ مِنْ أَنْفُسِكُمْ أَزْوَاجًا وَجَعَلَ لَكُمْ مِنْ أَزْوَاجِكُمْ بَنِينَ وَحَفَدَةً وَرَزَقَكُمْ مِنَ الطَّيِّبَاتِ

और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से जोड़े बनाए, और तुम्हारे जोड़ों से तुम्हारे लिए बेटे और पोते पैदा किए, और तुम्हें पाकीज़ा चीज़ों से रोज़ी दी।

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मियाँ-बीवी एक-दूसरे का लिबास

सूरह अल-बक़रह 2:187 · आयत का हिस्सा

هُنَّ لِبَاسٌ لَكُمْ وَأَنْتُمْ لِبَاسٌ لَهُنَّ

वे तुम्हारे लिए लिबास हैं और तुम उनके लिए लिबास हो।

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महर अदा करना

सूरह अन-निसा 4:4

وَآتُوا النِّسَاءَ صَدُقَاتِهِنَّ نِحْلَةً ۚ فَإِنْ طِبْنَ لَكُمْ عَنْ شَيْءٍ مِنْهُ نَفْسًا فَكُلُوهُ هَنِيئًا مَرِيئًا

और औरतों को उनका महर ख़ुशदिली से अदा करो। फिर अगर वे अपनी ख़ुशी से उसमें से कुछ तुम्हें छोड़ दें, तो उसे मज़े से और ख़ुशगवारी के साथ खाओ।

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निकाह कराने का हुक्म

सूरह अन-नूर 24:32

وَأَنْكِحُوا الْأَيَامَىٰ مِنْكُمْ وَالصَّالِحِينَ مِنْ عِبَادِكُمْ وَإِمَائِكُمْ ۚ إِنْ يَكُونُوا فُقَرَاءَ يُغْنِهِمُ اللَّهُ مِنْ فَضْلِهِ ۗ وَاللَّهُ وَاسِعٌ عَلِيمٌ

और तुम में से जो बेनिकाह हों उनका निकाह कर दो, और अपने नेक ग़ुलामों और लौंडियों का भी। अगर वे ग़रीब होंगे तो अल्लाह अपने फ़ज़्ल से उन्हें ग़नी कर देगा। और अल्लाह वुसअत वाला, सब कुछ जानने वाला है।

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जीवनसाथी और औलाद के लिए दुआ

सूरह अल-फ़ुरक़ान 25:74

وَالَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا هَبْ لَنَا مِنْ أَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا قُرَّةَ أَعْيُنٍ وَاجْعَلْنَا لِلْمُتَّقِينَ إِمَامًا

और वे लोग जो कहते हैं: ऐ हमारे रब! हमें हमारे जोड़ों और हमारी औलाद से आँखों की ठंडक अता फ़रमा, और हमें परहेज़गारों का इमाम बना।

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भलाई के साथ साथ रहना

सूरह अन-निसा 4:19 · आयत का हिस्सा

وَعَاشِرُوهُنَّ بِالْمَعْرُوفِ

और उनके साथ भलाई से ज़िंदगी गुज़ारो।

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नेक के लिए नेक जीवनसाथी

सूरह अन-नूर 24:26 · आयत का हिस्सा

وَالطَّيِّبَاتُ لِلطَّيِّبِينَ وَالطَّيِّبُونَ لِلطَّيِّبَاتِ

पाकीज़ा औरतें पाकीज़ा मर्दों के लिए हैं और पाकीज़ा मर्द पाकीज़ा औरतों के लिए।

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ईमान वाले मर्द और औरतें एक-दूसरे के साथी

सूरह अत-तौबह 9:71 · आयत का हिस्सा

وَالْمُؤْمِنُونَ وَالْمُؤْمِنَاتُ بَعْضُهُمْ أَوْلِيَاءُ بَعْضٍ

ईमान वाले मर्द और ईमान वाली औरतें एक-दूसरे के मददगार और साथी हैं।

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हर चीज़ जोड़ों में

सूरह अज़-ज़ारियात 51:49

وَمِنْ كُلِّ شَيْءٍ خَلَقْنَا زَوْجَيْنِ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ

और हमने हर चीज़ के जोड़े पैदा किए, ताकि तुम नसीहत हासिल करो।

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जोड़ों में पैदाइश

सूरह अन-नबा 78:8

وَخَلَقْنَاكُمْ أَزْوَاجًا

और हमने तुम्हें जोड़ों में पैदा किया।

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नए जोड़े के लिए दुआ

सुन्नत से: सुनन अबी दाऊद 2130, जामे तिरमिज़ी 1091

بَارَكَ اللَّهُ لَكَ وَبَارَكَ عَلَيْكَ وَجَمَعَ بَيْنَكُمَا فِي خَيْرٍ

अल्लाह तुम्हें बरकत दे, तुम पर बरकत नाज़िल करे, और तुम दोनों को भलाई में जोड़े रखे।

नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इन अल्फ़ाज़ से किसी को निकाह की मुबारकबाद देते थे। निमंत्रण कार्ड पर इसे अक्सर दोनों के लिए लिखा जाता है।

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